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आलोक कुमार
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गूगल ने पोस्तिनी को खरीदा, २५ अरब रुपए में

गूगल आए दिन खरीद फ़रोख्त करता ही जा रहा है, तो समझते हैं कि पोस्तिनी है क्या। पोस्तिनी एक कम्पनी है जो बड़े बड़े सङ्गठनों की डाक सेवा व त्वरित सन्देश सेवा को आयोजित करती है। यानी, आप यदि किसी बड़ी कम्पनी के आईटी विभाग में हैं, तो खुद डाक सेवा स्थापित करने के बजाए पोस्तिनी को कह दें, वे सब कुछ सँभाल लेंगे, सुरक्षा से ले के रद्दी डाक के आयोजन तक।
इस धन्धे में फ़िलहाल पोस्तिनी का ४९ प्रतिशत हाथ है। लेकिन प्रयोक्ता अन्तरापृष्ठ बहुत बढ़िया नहीं है, और गूगल को इसमें महारत हासिल है। उसी प्रकार गूगल का बड़ी बड़ी कम्पनियों में प्रवेश कम ही है, वे अभी भी उसे शक की नज़र से ही देखती हैं। अतः इससे गूगल व पोस्तिनी दोनो को फ़ायदा होगा यह सोच के ही खरीद का फ़ैसला किया गया होगा।
सोचने की बात यह है कि जब हर्शद मेहता ने नरसिंह राव को एक करोड़ रुपए दिए थे, तो वह एक सूटकेस में आ गए थे। यहाँ बात हो रही है उस प्रकार के ढाई हज़ार सूटकेसों की। पर हाँ डॉलर में सूटकेसों की सङ्ख्या ६० ही रह जाएगी। इतना बोझा तो गूगल वाले पोस्तिनी के दफ़्तर तक ढो ही लेंगे।


क्या आप गूगल के बारे में कुछ बताना चाहते हैं?
Tags: खरीद पोस्तिनी
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